पंचांग आधारित

शुभ मुहूर्त 2026

2026 के लिए विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद, व्यापार शुरू करने, नामकरण और मुंडन संस्कार के शुभ मुहूर्त। पंचांग परंपरा के अनुसार तिथि, नक्षत्र और शुभ समय।

महीना

जनवरी 17, 2026

शनिवार

💍

तिथि

तृतीया

नक्षत्र

रोहिणी

शुभ समय

06:45 – 08:30

राहु काल

09:00 – 10:30 ⚠️

रोहिणी नक्षत्र विवाह के लिए अत्यंत शुभ है।

जनवरी 20, 2026

मंगलवार

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तिथि

षष्ठी

नक्षत्र

मृगशिरा

शुभ समय

07:00 – 09:30

राहु काल

15:00 – 16:30 ⚠️

मृगशिरा विवाह संस्कार के लिए अनुकूल नक्षत्र है।

फरवरी 8, 2026

रविवार

💍

तिथि

द्वादशी

नक्षत्र

उत्तर फाल्गुनी

शुभ समय

08:00 – 11:00

राहु काल

16:30 – 18:00 ⚠️

उत्तर फाल्गुनी विवाह के लिए सर्वश्रेष्ठ नक्षत्र माना जाता है।

फरवरी 11, 2026

बुधवार

💍

तिथि

पूर्णिमा

नक्षत्र

हस्त

शुभ समय

07:15 – 10:00

राहु काल

12:00 – 13:30 ⚠️

पूर्णिमा पर हस्त नक्षत्र अत्यंत शुभ है।

अप्रैल 19, 2026

रविवार

💍

तिथि

तृतीया

नक्षत्र

रोहिणी

शुभ समय

06:30 – 09:00

राहु काल

16:30 – 18:00 ⚠️

अक्षय तृतीया काल — सभी विवाहों के लिए अत्यंत शुभ।

नवंबर 19, 2026

गुरुवार

💍

तिथि

पंचमी

नक्षत्र

मृगशिरा

शुभ समय

07:00 – 09:00

राहु काल

13:30 – 15:00 ⚠️

दीपावली के बाद विवाह सीज़न शुरू।

नवंबर 26, 2026

गुरुवार

💍

तिथि

द्वादशी

नक्षत्र

उत्तर फाल्गुनी

शुभ समय

08:00 – 10:30

राहु काल

13:30 – 15:00 ⚠️

गुरुवार को उत्तर फाल्गुनी — दोगुनी शुभता।

दिसंबर 6, 2026

रविवार

💍

तिथि

तृतीया

नक्षत्र

रोहिणी

शुभ समय

07:30 – 11:00

राहु काल

16:30 – 18:00 ⚠️

शीतकालीन विवाह सीज़न का शुभ मुहूर्त।

अस्वीकरण: यह जानकारी पंचांग डेटा और पारंपरिक गणनाओं पर आधारित है। महत्वपूर्ण संस्कारों के लिए कृपया किसी योग्य पंडित या ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शुभ मुहूर्त क्या होता है?

शुभ मुहूर्त वह समय होता है जब ग्रह, नक्षत्र और तिथि का संयोग किसी कार्य की सफलता के लिए अनुकूल होता है। पंचांग के अनुसार यह समय निकाला जाता है।

राहु काल में काम क्यों नहीं करना चाहिए?

राहु काल प्रतिदिन का एक अशुभ समय होता है जब महत्वपूर्ण कार्य नहीं करने की परंपरा है। यह लगभग 90 मिनट का होता है।

क्या अक्षय तृतीया को बिना मुहूर्त देखे काम हो सकता है?

हाँ, अक्षय तृतीया स्वयंसिद्ध मुहूर्त है — इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती।