
दशहरा (विजयादशमी) 2026: तिथि, महत्व, परंपराएं और स्रोत विवरण
दशहरा की तिथि, महत्व, परंपराएं और स्रोत विवरण एक ही स्थान पर देखें।
DivineAPI से लाइव डेटा · 2026दशहरा 2026
दशहरा के बारे में
दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहा जाता है, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिंदू त्योहार है। यह भगवान राम की रावण पर विजय और देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय का उत्सव है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इसे रामलीला प्रदर्शन और रावण दहन के माध्यम से पूरे भारत में मनाया जाता है।
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दशहरा का महत्व और कथाएं
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दशहरा आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है। वैष्णव परंपरा में यह दिन भगवान राम की राक्षस राजा रावण पर विजय का स्मरण करता है — यह युद्ध रामायण की केंद्रीय कथा है। शाक्त परंपरा में यह नवरात्रि का समापन दिन है, जो देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय का उत्सव है।
उत्तर भारत में दशहरे के अवसर पर रामलीला — रामायण की नाट्य प्रस्तुतियाँ — होती हैं, जिनका समापन दशमी की संध्या को रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाने (रावण दहन) के साथ होता है। कर्नाटक में मैसूरु दशरा एक प्रसिद्ध राजकीय उत्सव है जिसमें भव्य शोभायात्रा निकलती है।
कुछ समुदायों में दशहरा पर आयुध पूजा भी होती है — जिसमें औजारों, उपकरणों और वाहनों की पूजा कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में की जाती है। विजय मुहूर्त — इस दिन का एक शुभ समय — नए महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम माना जाता है।
✦परंपराओं पर ध्यान दें
दशहरा की क्षेत्रीय परंपराएं पूरे भारत में व्यापक रूप से भिन्न हैं — उत्तर भारत की रामलीला और रावण दहन से लेकर दक्षिण के मैसूरु दशरा तक। स्थानीय परंपराएं ऊपर दिए गए विवरण से भिन्न हो सकती हैं।
परंपराएं और आचरण
रामलीला और रावण दहन
भारत के कई हिस्सों में दशहरे से पहले के दिनों में रामलीला — रामायण की नाट्य प्रस्तुतियाँ — होती हैं, जिनका समापन दशमी की संध्या को रावण पुतला दहन के साथ होता है।
विजय मुहूर्त
विजय मुहूर्त दशहरे का एक शुभ समय है जिसे नए कार्य, महत्वपूर्ण दस्तावेज़ या सोने की खरीद के लिए आदर्श माना जाता है। यह समय पंचांग से वर्ष के अनुसार निकाला जाता है — ऊपर का टाइमिंग कार्ड देखें।
आयुध पूजा
कुछ परंपराओं में, विशेष रूप से दक्षिण भारत में, आयुध पूजा के दौरान औजारों, उपकरणों और वाहनों की पूजा कृतज्ञता और शुभ कामना के प्रतीक के रूप में की जाती है।
ℹ️ परंपराएं क्षेत्र के अनुसार भिन्न होती हैं। विजय मुहूर्त का समय पंचांग आधारित है।
पूजा सामग्री
पूजा सामग्री
- •देवी दुर्गा और भगवान राम की मूर्ति या चित्र
- •फूल और माला
- •अगरबत्ती और दीया
- •अक्षत (चावल)
- •मिठाई और फल
- •शमी के पत्ते (कुछ परंपराओं में)
नोट
- •परंपराएं और सामग्री क्षेत्र के अनुसार काफी भिन्न होती हैं।
- •संपादकीय ड्राफ्ट — प्रकाशन से पहले सत्यापित सामग्री जोड़ी जाएगी।
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सामान्य प्रश्न
स्रोत विवरण और सत्यापन
तिथि स्रोत
पंचांग स्रोत एकीकरण बाकी है
संपादकीय समीक्षा स्थिति
संपादकीय समीक्षा बाकी है
अंतिम सत्यापन तिथि
अभी सत्यापित नहीं हुआ
क्षेत्र आधार
सम्पूर्ण भारत — पंचांग आधारित तिथि और विजय मुहूर्त प्रकाशन से पहले जोड़े जाएंगे

