
करवा चौथ: तिथि, चंद्रोदय समय, कथा और विधि
करवा चौथ की जानकारी, चंद्रोदय मार्गदर्शन और स्रोत विवरण एक ही स्थान पर देखें।
DivineAPI से लाइव डेटा · 2026करवा चौथ 2026
📍स्थान:
करवा चौथ की तिथि
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चांद निकलने का समय
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पूजा का समय
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व्रत अवधि
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करवा चौथ के बारे में
करवा चौथ मुख्यतः उत्तर भारत में हिंदू विवाहित महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला एक दिवसीय त्योहार है। महिलाएं सूर्योदय से लेकर रात को चंद्रमा के दर्शन तक उपवास रखती हैं और अपने पतियों की लंबी आयु और सुख की कामना करती हैं। चंद्रोदय का समय प्रत्येक शहर के लिए अलग होता है।
ℹ️ संपादकीय सामग्री का नमूना — प्रकाशन से पहले अंतिम पाठ की समीक्षा की जाएगी।
करवा चौथ व्रत कथा
लोक-प्रचलित कथा का संक्षिप्त संपादकीय प्रारूप — अंतिम प्रकाशन से पहले स्रोत समीक्षा लंबित।
प्रचलित करवा चौथ व्रत कथा के अनुसार, एक साहूकार के सात पुत्र और एक पुत्री थी। विवाह के बाद पुत्री ने अपने पति की लंबी आयु और मंगल कामना के लिए करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा। दिन भर व्रत रखने के कारण वह अत्यंत व्याकुल हो गई।
अपनी बहन की परेशानी देखकर उसके भाइयों ने उसे भोजन कराने का उपाय सोचा। उन्होंने दूर एक दीपक जलाकर ऐसा दृश्य बनाया मानो चंद्रमा निकल आया हो। बहन ने उसे चंद्र दर्शन मानकर अर्घ्य दिया और व्रत खोल लिया।
लोक-कथा के अनुसार, विधिपूर्वक चंद्र दर्शन से पहले व्रत खोल देने के कारण उसे कठिन परिस्थिति का सामना करना पड़ा। अपनी भूल का एहसास होने पर उसने श्रद्धा और नियम के साथ पुनः व्रत एवं पूजा का पालन किया।
उसकी निष्ठा, प्रार्थना और व्रत के प्रभाव से उसके जीवन में पुनः सुख और सौभाग्य लौटा। इसी कारण करवा चौथ के दिन व्रत, पूजा, कथा-श्रवण और चंद्र दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है।
✦कथा से जुड़ा संदेश
यह लोक-प्रचलित कथा श्रद्धा, धैर्य, विधि-पालन और परिवार के मंगल की कामना के महत्व को दर्शाती है। कथा के संस्करण परिवार और क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार अलग हो सकते हैं।
पूजा विधि
पूजा की तैयारी
पूजा से पहले पूजा स्थल को साफ करें और करवा चौथ की पूजा थाली तैयार रखें। दीपक, करवा और जल का पात्र पूजा के लिए व्यवस्थित रखें।
पूजा थाली तैयार करें
पूजा थाली में करवा, दीपक, रोली, अक्षत, जल का पात्र और परंपरा अनुसार आवश्यक सामग्री रखें।
पूजा और कथा
परिवार की परंपरा अनुसार करवा चौथ की पूजा करें और कथा सुनें या पढ़ें।
चंद्र दर्शन
चांद दिखाई देने के बाद छलनी से चंद्र दर्शन किया जाता है। चंद्रोदय का समय शहर के अनुसार बदलता है; ऊपर दिया गया समय चयनित शहर के API स्रोत पर आधारित है।
व्रत खोलना
चंद्र दर्शन और अर्घ्य के बाद परिवार की परंपरा अनुसार व्रत खोला जाता है।
ℹ️ पूजा विधि और सामग्री परिवार तथा क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है।
पूजा सामग्री
करवा चौथ पूजा सामग्री
- •करवा
- •दीपक
- •रोली
- •अक्षत
- •पूजा थाली
- •छलनी
- •जल का पात्र
- •मिठाई / प्रसाद
ℹ️ पूजा विधि और सामग्री परिवार तथा क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है।
सामान्य प्रश्न
स्रोत विवरण और सत्यापन
चंद्रोदय स्रोत
शहर-विशेष चंद्रोदय स्रोत एकीकरण बाकी है
संपादकीय समीक्षा स्थिति
संपादकीय समीक्षा बाकी है
अंतिम सत्यापन तिथि
अभी सत्यापित नहीं हुआ
स्थान आधार
API एकीकरण के बाद शहर-विशेष चंद्रोदय समय उपलब्ध होगा


